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महाराष्ट्र के 265 तालुका सूखा प्रभावित घोषित, राज्य का 74 प्रतिशत इलाका दायरे में

Kavita2
26 Sept 2026 1:48 PM IST
महाराष्ट्र के 265 तालुका सूखा प्रभावित घोषित, राज्य का 74 प्रतिशत इलाका दायरे में
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मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में सूखे की स्थिति को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। शनिवार को जारी सरकारी नोटिफिकेशन के अनुसार राज्य के कुल 358 तालुकाओं में से 265 तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है। सरकारी आदेश के मुताबिक इस फैसले के दायरे में महाराष्ट्र का करीब 74 प्रतिशत इलाका आता है।

राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के बाद बड़ी संख्या में तालुका आधिकारिक रूप से सूखा प्रभावित क्षेत्रों की श्रेणी में आ गए हैं। कुल 358 तालुकाओं में से 265 को इस दायरे में शामिल किया जाना राज्य के बड़े हिस्से में सूखे की स्थिति को दर्शाता है। सरकार ने संबंधित क्षेत्रों की स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया है।

सरकारी नोटिफिकेशन के मुताबिक सूखा प्रभावित घोषित किए गए तालुकाओं की संख्या राज्य के कुल तालुकाओं का बड़ा हिस्सा है। 358 में से केवल 93 तालुका इस घोषणा के दायरे से बाहर हैं। वहीं 265 तालुकाओं को शामिल किए जाने से राज्य का करीब तीन-चौथाई हिस्सा सूखा प्रभावित क्षेत्र की श्रेणी में आ गया है।

74 प्रतिशत इलाका सूखा प्रभावित

सरकारी आदेश में बताया गया है कि सूखा प्रभावित घोषित किए गए 265 तालुका महाराष्ट्र के करीब 74 प्रतिशत क्षेत्र को कवर करते हैं। यह आंकड़ा राज्य में सूखे की स्थिति की व्यापकता को दिखाता है। सरकार की ओर से शनिवार को जारी अधिसूचना के बाद इन क्षेत्रों को आधिकारिक रूप से सूखा प्रभावित माना जाएगा।

महाराष्ट्र में अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश की स्थिति और उसके प्रभाव को लेकर लगातार नजर रखी जा रही थी। अब राज्य सरकार ने सरकारी आदेश जारी कर 265 तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित कर दिया है।

सरकार के इस फैसले के बाद इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, विशेषकर ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों से जुड़े परिवारों की स्थिति पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सूखा प्रभावित क्षेत्रों की आधिकारिक घोषणा प्रशासनिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इसके आधार पर संबंधित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन और आगे की कार्रवाई की जाती है।

358 में से 265 तालुका सूची में शामिल

महाराष्ट्र में कुल 358 तालुका हैं। इनमें से 265 तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है। संख्या के लिहाज से देखें तो राज्य के अधिकांश तालुका सरकार की इस घोषणा के दायरे में हैं।

सरकारी आदेश के मुताबिक सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दायरा करीब 74 प्रतिशत है। यानी राज्य के केवल करीब 26 प्रतिशत क्षेत्र को इस घोषणा में शामिल नहीं किया गया है।

राज्य सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब मौसम और बारिश की स्थिति का सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों और कृषि गतिविधियों पर पड़ता है। बारिश की कमी से खेती के साथ पानी की उपलब्धता और ग्रामीण क्षेत्रों की अन्य जरूरतें भी प्रभावित हो सकती हैं।

सूखे की आधिकारिक घोषणा के बाद जिला और तालुका स्तर पर प्रशासन के लिए संबंधित क्षेत्रों की स्थिति पर विशेष नजर रखना जरूरी हो जाता है। स्थानीय स्तर पर पानी की उपलब्धता, कृषि की स्थिति और लोगों की आवश्यकताओं से संबंधित परिस्थितियों का आकलन भी महत्वपूर्ण होता है।

बड़े हिस्से पर सूखे का असर

सरकारी आदेश में राज्य के 74 प्रतिशत इलाके को शामिल किए जाने से साफ है कि सूखे की स्थिति केवल कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों के कुल 265 तालुका इस घोषणा में शामिल किए गए हैं।

सूखे की स्थिति का सबसे अधिक असर आम तौर पर कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर देखने को मिलता है। पर्याप्त बारिश नहीं होने की स्थिति में फसलों की सिंचाई प्रभावित होती है। इसके अलावा जल स्रोतों में पानी की उपलब्धता भी कम हो सकती है।

ऐसे में सरकार की ओर से किसी क्षेत्र को आधिकारिक रूप से सूखा प्रभावित घोषित करना महत्वपूर्ण कदम होता है। इसके बाद संबंधित इलाकों की परिस्थितियों के आधार पर प्रशासनिक स्तर पर आगे की प्रक्रिया की जाती है।

महाराष्ट्र में बड़ी आबादी कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों पर निर्भर है। इसलिए 265 तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित किए जाने का फैसला व्यापक क्षेत्र को प्रभावित करने वाला है।

सरकारी नोटिफिकेशन जारी

राज्य सरकार ने शनिवार को इस संबंध में आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया। इसमें सूखा प्रभावित घोषित किए गए तालुकाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई है। आदेश के मुताबिक महाराष्ट्र के 358 में से 265 तालुका इस श्रेणी में शामिल किए गए हैं।

सरकारी अधिसूचना जारी होने के बाद अब संबंधित प्रशासनिक इकाइयों के स्तर पर आदेश के अनुसार आगे की प्रक्रिया की जाएगी। सूखा प्रभावित क्षेत्रों की परिस्थितियों पर प्रशासन की नजर रहेगी।

राज्य के करीब तीन-चौथाई क्षेत्र का सूखा प्रभावित श्रेणी में आना महत्वपूर्ण है। इसका असर कृषि क्षेत्र के साथ ग्रामीण इलाकों में पानी और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता पर भी पड़ सकता है।

फिलहाल महाराष्ट्र सरकार के शनिवार को जारी आदेश के बाद 265 तालुकाओं को आधिकारिक रूप से सूखा प्रभावित घोषित कर दिया गया है। राज्य के कुल 358 तालुकाओं में से इन क्षेत्रों का हिस्सा करीब 74 प्रतिशत है। सरकारी आदेश के साथ अब राज्य के बड़े भूभाग को सूखा प्रभावित क्षेत्र की श्रेणी में रखा गया है।

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